Animal Teaser’: क्या ‘एन‍िमल’ के नरभक्षी हैं बॉबी देओल? जानें उनके रोल को लेकर क्या कह रहे फैंस

फिल्म ‘एनिमल’ के फर्स्ट लुक टीजर के लास्ट में बॉबी देओल की झलक भी देखने को मिल रही है. सिर्फ 7 सेकेंड में बॉबी देओल के अंदाज ने फैंस के दिलों पर ऐसा कहर ढाया है कि हर तरफ उनकी ही चर्चा है.

1 दिसंबर को रिलीज होने जा रही रणबीर कपूर की फिल्म ‘एनिमल’ का फर्स्ट लुक टीजर ने धमाल मचा दिया है. इस फिल्म के टीजर के लास्ट में बॉबी देओल की झलक भी देखने को मिल रही है. सिर्फ 7 सेकेंड में बॉबी देओल के अंदाज ने फैंस के दिलों पर ऐसा कहर ढाया है कि हर तरफ उनकी ही चर्चा है. हर कोई जानने को बेताब है कि ‘एनिमल’ में आखिर बॉबी देओल किस रोल में नजर आने वाले हैं. इसे लेकर फैंस अलग-अलग तरह की बातें कर रहे हैं. कयास ये भी लगाए जा रहे हैं कि बॉबी देओल इस फिल्म में नरभक्षी के रोल में नजर आने वाले हैं.

‘एनिमल’ में रणबीर कपूर और बॉबी देओल के अलावा रश्‍म‍िका मंदाना और अनिल कपूर जैसे स्टार भी हैं. हाल ही में जब बॉबी से टीजर, लुक और उनके किरदार को लेकर सवाल किया गया तो उन्हेंने कहा, ‘खुशकिस्‍मत हूं कि ‘एनिमल’ जैसी फिल्‍म का हिस्‍सा बनने का मौका मिला है. मुझे संदीप रेड्डी वांगा का काम हमेशा से ही पसंद रहा है. वो इकलौते ऐसे डायरेक्टर हैं, जिन्होंने एक ही फिल्म दो बार बनाई है और दोनों ही जबरदस्त हिट रही. इस फिल्म का नाम ‘अर्जुन रेड्डी’ और ‘कबीर सिंह’ है

बॉबी देओल भी हैरान

बॉबी देओल अपने रोल को लेकर आगे कहते हैं कि ‘मैं पहले ही कह चुका हूं कि अलग-अलग तरह के किरदार निभाना मुझे पसंद है. मैं हमेशा से ही अपनी इमेज तोड़ना चाहता हूं’.’ फिल्‍म के टीजर को लेकर बॉबी कहते हैं कि ‘जब मैंने दरवाजा खोलने वाला शॉट दिया , तब मॉनिटर तक नहीं देखा था. हम जल्दबाजी में थे और काम खत्म करना था लेकिन जब टीजर आया तो उस शॉट को देखकर मैं भी हैरान रह गया.’ बॉबी को सबसे ज्यादा इस बात की खुशी है कि उनके फैंस को उनका नया अवतार पसंद आया है.

बॉबी देओल के रोल पर अलग-अलग कयास

बॉबी देओल इस बातचीत में हंसी-मजाक भी करते नजर आते हैं. हर कोई उनसे जानना चाहता है कि उस शॉट में बॉबी क्या खा रहे हैं. इसे लेकर उनका कहना है कि, ‘मैं ये तो अभी ये बता नहीं सकता हूं, हां ये जरूर कह सकता हूं कि कुछ तो खा रहा हूं.’ बॉबी देओल के इस जवाब का वीडियो क्‍ल‍िप अब तेजी से वायरल हो रहा है. कई यूजर ये कयास लगा रहे हैं कि कहीं ऐसा तो नहीं कि इस फिल्‍म में बॉबी बाकी सभी एक्टर्स को खा जाएंगे’ वहीं, कुछ लोग कह रहे हैं कि उनका लुक और अंदाज देखकर तो यही लग रहा कि फिल्म में असली ‘एनिमल’ बॉबी ही हैं और वहीं नरभक्षी हैं.’

Modi गगनयान: 2025 तक अंतरिक्ष में अंतरिक्ष यात्री, पीएम मोदी ने अंतरिक्ष स्टेशन के लिए 2035 और चंद्रमा पर मानव के लिए 2040 का लक्ष्य रखा

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के पहले मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन गगनयान की प्रगति की समीक्षा करने और देश के अंतरिक्ष अन्वेषण के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करने के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में मानव रेटेड लॉन्च वाहन के तीन मानवरहित मिशनों सहित परीक्षणों की योजनाओं पर चर्चा की गई। क्रू एस्केप सिस्टम की पहली प्रदर्शन उड़ान 21 अक्टूबर के लिए निर्धारित है।

भारत के अंतरिक्ष प्रयासों के लिए एक महत्वपूर्ण विकास में, पीएमओ ने मंगलवार को कहा कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने गगनयान – भारत के पहले मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन – की प्रगति की समीक्षा करने और देश की अंतरिक्ष अन्वेषण महत्वाकांक्षाओं के भविष्य के पाठ्यक्रम को निर्धारित करने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।

बैठक में मिशन की तैयारी का मूल्यांकन किया गया, 2025 में इसके प्रक्षेपण की पुष्टि की गई, ”पीएमओ ने कहा, पीएम ने चंद्रयान -3 और आदित्य एल 1 मिशन सहित पिछले भारतीय अंतरिक्ष पहल की सफलताओं के आधार पर और अधिक महत्वाकांक्षी लक्ष्य भी निर्धारित किए। उन्होंने DoS को 2035 तक भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करने और 2040 तक चंद्रमा पर पहला भारतीय अंतरिक्ष यात्री भेजने की दिशा में काम करने का निर्देश दिया। इन सपनों को वास्तविकता में बदलने के लिए, DoS को चंद्रमा की खोज के लिए एक रोडमैप विकसित करने का काम सौंपा गया है।

इसरो, गगनयान की तैयारियों के हिस्से के रूप में, शनिवार (21 अक्टूबर) को सुबह 7 बजे से 9 बजे के बीच पहले परीक्षण वाहन गर्भपात मिशन या टीवी-डी1 का प्रयास करेगा। यह विशेष रूप से मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम के हिस्से के रूप में डिज़ाइन किए गए विशेष परीक्षण वाहन का उपयोग करेगा। वास्तविक गगनयान मिशन के विपरीत, जिसमें मनुष्यों को अंतरिक्ष में भेजने और उन्हें सुरक्षित रूप से वापस लाने की परिकल्पना की गई है, टीवी-डी1 में इसरो एक अनप्रेशराइज्ड क्रू मॉड्यूल (सीएम) का उपयोग करेगा, जिसने अपना एकीकरण और परीक्षण पूरा कर लिया है।

भारतीय नौसेना के एक समर्पित जहाज और गोताखोरी टीम का उपयोग करके, बंगाल की खाड़ी में उतरने के बाद इसे बरामद किया जाएगा। इसरो के मुताबिक, टीवी-डी1 तैयारी के अंतिम चरण में है। “परीक्षण वाहन एक एकल-चरण तरल रॉकेट है जिसे इस निरस्त मिशन के लिए विकसित किया गया है। इसरो ने कहा, पेलोड सीएम और क्रू एस्केप सिस्टम (सीईएस) हैं, जिनमें तेजी से काम करने वाली ठोस मोटरें, सीएम फेयरिंग (सीएमएफ) और इंटरफ़ेस एडेप्टर हैं।

Car 6 लाख में punch से कई गुना बेहतर है यह दमदार Micro SUV, A-वन लुक और जबरदस्त माइलेज से छा रही सब तरफ

6 लाख में punch से कई गुना बेहतर है यह दमदार Micro SUV, A-वन लुक और जबरदस्त माइलेज से छा रही सब तरफ, Hyundai अपनी दमदार कारो के लिए जानी जाती है ऐसे में हुंडई ने हाल ही में अपनी माइक्रो एसयूवी एक्सटर को कुछ महीने पहले ही लॉन्च किया है. लॉन्च होते ही ये एसयूवी सब जगह छा रही है. आपको बता दे की ग्राहकों को इसके बेस मॉडल से ही मिलने वाले 6 एयरबैग जैसे कई स्टैंडर्ड फीचर्स खूब पसंद आ रहे हैं. इसके अलावा, ऊपर के वेरिएंट में डुअल कैमरा से लैस डैशकैम, वॉयस कमांड वाला इलेक्ट्रिक सनरूफ और बड़ी टचस्क्रीन समेत कई फीचर्स हैं. अगर आप भी एक्सटर को खरीदने का प्लान बना रहे हैं. तो आपको बताते है इसकी कुछ जानकारी।

Hyundai Exter Micro Suv Look

Hyundai Exter के लुक का देखे तो A-वन लुक है इस के फ्रंट लुक का देखा जाये तो इसमें स्क्वॉयर शेप की हाउजिंग में हेडलैंप दिए गए हैं, इसके अलावा फ्रंट बंपर को सामने की तरफ से पियानो ब्लैक कलर के पैरामेट्रिक ग्रिल से सजाया गया है. ये ग्रिल आपको काफी हद तक हुंडई की कुछ इलेक्ट्रिक कारों की भी याद दिलाएंगे. इसके अलावा ‘H’ शेप में डे-टाइम-रनिंग लाइट्स इसे और भी बॉक्सी लुक देते हैं. फ्रंट फ्रेंडर को ब्रॉड किया गया है, जिससे सामने का हिस्सा काफी स्पोर्टी दिखता है. साइड प्रोफाइल में 15 इंच के डायमंड कट् अलॉय व्हील के उपर ब्लैक व्हील आर्क और साइड मे प्लास्टिक क्लैडिंग पूरे एसयूवी को कवर करते हैं. एक्सटर का पिछले हिस्से को थोड़ा मेसी बनाया गया है, यहां पर भी आपको ‘H’ शेप में LED डे-टाइम-रनिंग लाइट्स देखने को मिलते हैं.

Hyundai Exter Micro Suv Engine

Hyundai Exter के इंजन की बात करे तो आपको बता दे की हुंडई एक्सटर में 1.2 लीटर का नैचुरली एस्पिरेटेड पेट्रोल इंजन दिया गया है. यह इंजन 6000 आरपीएम पर 81 बीएचपी की पॉवर और 4000 आरपीएम पर 114 एनएम का टॉर्क जनरेट करता है. कंपनी ने इसे सीएनजी वर्जन में भी पेश किया है. सीएनजी में यह इंजन 68 बीएचपी की पॉवर और 95 एनएम का टॉर्क देता है. एक्सटर में मैनुअल ऑटोमैटिक दोनों तरह के गियरबॉक्स का विकल्प उपलब्ध है. इसका माइलेज भी जबरदस्त है कंपनी का दावा है कि इसका पेट्रोल वेरिएंट तकरीबन 19 किमी/लीटर और CNG वेरिएंट लगभग 27 किमी/किग्रा तक का माइलेज देता है.

Hyundai Exter Micro Suv Features

Hyundai Exter के फीचर्स की बात करे तो हुंडई एक्सटर में 8-इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम के साथ 4.2-इंच का ड्राइवर डिस्प्ले दिया गया है. यह अपने सेगमेंट की पहली ऐसी कार है जिसमें वॉइस इनेबल्ड इलेक्ट्रिक सनरूफ दिया जा रहा है. इसके अलावा कार में डुअल कैमरा डैशकैम, 6 एयरबैग स्टैंडर्ड, ऑटोमैटिक क्लाइमेट कंट्रोल, वायरलेस चार्जर, टीपीएमएस, थ्री पॉइंट सीटबेल्ट जैसे फीचर्स स्टैंडर्ड फीचर्स के तौर पर दिए जा रहे हैं. एक्सटर 60 कनेक्टेड कार फीचर्स से लैस है

Hyundai Exter Micro Suv Price

Hyundai Exter के कीमत की बात करे तो आपको बता दे की हुंडई एक्स्टर को सात वेरिएंट EX, EX(O), S, S(O), SX, SX(O) और SX(O) में लाया गया है. एक्स्टर को 6 लाख रुपये की शुरूआती एक्स-शोरूम कीमत पर उतारा गया है. वहीं इसके टॉप मॉडल की कीमत 10.10 लाख रुपये तक जाती है. यह माइक्रो एसयूवी 6 मोनोटोन और 3 डुअल टोन एक्सटीरियर पेंट में उपलब्ध है. मार्केट में इस एसयूवी का सीधा मुकाबला टाटा पंच से है. और रिपोर्ट के अनुसार यह इस से कई गुना बेहतर है

PM Kisan Yojana: इस दिन सरकार जारी कर सकती है 15वीं किस्त, यहां जानें क्या है अपडेट

PM Kisan Samman Nidhi Yojana 15th Installment:

देश में करोड़ों किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए भारत सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना नामक एक बेहद ही शानदार स्कीम का संचालन कर रही है। इस स्कीम के अंतर्गत हर साल भारत सरकार किसानों को 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करती है। देश में करोड़ों किसान भारत सरकार की इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण करोड़ों किसानों को अपने जीवन में गुजर बसर और खेती किसानी करते समय कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। ऐसे में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का उद्देश्य इन्हीं समस्याओं को दूर करना है। सरकार हर चार महीनों के अंतराल पर किसानों के खाते में इस योजना की किस्त ट्रांसफर करती है। हर किस्त के अंतर्गत दो हजार रुपये की राशि को किसानों के खाते में भेजा जाता है।

अब तक किसानों के खाते में कुल 14 किस्तें आ चुकी हैं। वहीं भारत सरकार जल्द ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 15वीं किस्त को ट्रांसफर करने वाली है।

इसी को देखते हुए करोड़ों किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 15वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। इसी सिलसिले में इस योजना को लेकर एक अपडेट सामने आया है।

Tiger 3 न्यूज़’टाइगर 3′ का नया पोस्टर देख क्या बोले लोग?

भारत सरकार प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 15वीं किस्त को नवंबर या दिसंबर महीने में जारी किया जा सकता है।

गौर करने वाली बात है कि सरकार ने इसको लेकर अभी तक कोई आधिकारिक एलान नहीं किया है। अगर आप भी इस स्कीम का लाभ लेना चाहते हैं। ऐसे में आपको जल्द से जल्द अपनी ई-केवाईसी, भूलेखों का सत्यापन और योजना में दर्ज गलत जानकारी को अपडेट करा लेना चाहिए।

Automobile R15 को छोड़ Yamaha MT के स्पोर्टी लुक की दीवानी हुई पापा की परियां, जाने प्रीमियम फीचर्स और शक्तिशाली इंजन

R15 को छोड़ Yamaha MT के स्पोर्टी लुक की दीवानी हुई पापा की परियां, जाने प्रीमियम फीचर्स और शक्तिशाली इंजन Yamaha मोटर्स अपनी स्पोर्टी लुक बाइक के लिए जाने जानी वाले कंपनी है जिसकी सबसे लोकप्रिय बाइक yamaha R15 है हाल और इसी प्यार को नजर में रखते हुए यामाहा कंपनी ने अपनी एक और शानदार बाइक को अपडेट कर मार्केट में लांच किया है जिसका नाम Yamaha MT है आईये जाने इसके शानदार फीचर्स और दमदार इंजन के बारे में…

न्यू Yamaha MT-15 Version 2.0 के प्रीमियम फीचर्स

न्यू Yamaha MT-15 Version 2.0 में आपको नए ज़माने के एडवांस फीचर्स देखने को मिलते है जिसमे डिजिटल एलसीडी क्लस्टर दिया गया है जो गियर शिफ्ट, गियर पोजिशन और वीवीए इंडिकेटर के साथ एक कस्टमाइजेबल एनिमेटेड, ब्लूटूथ वाले वाई-कनेक्ट ऐप से एलसीडी क्लस्टर में कॉल, ईमेल और एसएमएस अलर्ट के साथ स्मार्टफोन की बैटरी का स्टेटस भी दिया गया है इस ऐप की खास बात ये है कि यह आपके स्मार्टफोन पर मैंटेनेंस रिकमेंडेशन, पार्किंग लोकेशन, फ्यूल कंजम्प्शन, एलईडी पोजिशन लाइट्स के साथ बाई-फंक्शनल एलईडी हेडलाइट, फ्रंट और रियर डिस्क ब्रेक, सिंगल चैनल एबीएस,140 mm का सुपर वाइड रियर रेडियल टायर जैसे शानदार फीचर्स दिए गए है।

न्यू Yamaha MT-15 Version 2.0 कलर्स

न्यू Yamaha MT-15 Version 2.0 कलर्स ऑप्शन में आपको सियान स्टॉर्म, रेसिंग ब्लू, आइस फ्लू-वर्मिलियन और मैटेलिक ब्लैक जैसे शानदार कलर मिलते है इन रंगों के साथ स्टाइलिश ग्राफिक्स इसकी अग्रेसिव स्टाइल और स्पोर्टी लुक में चार चाँद लगाते है नए ज़माने के यंग लड़को के लिए ये बाइक बेस्ट होगी जिसमे काफी यूनिक लुक देखने को मिलता है।

न्यू Yamaha MT-15 Version 2.0 का शक्तिशाली इंजन

न्यू Yamaha MT-15 Version 2.0 के शक्तिशाली इंजन के बारे में बात की जाए तो इसमें आपको काफी पॉवर फुल इंजन मिलता है जो की लिक्विड कूल्ड, 4-स्ट्रोक, एसओएचसी, 4-वाल्व के साथ 155 cc का फ्यूल इंजेक्टेड इंजन जो की 10,000 rpm पर 18.4 ps की पीक पावर और 7,500 RPM पर 14.1 nm का पीक टॉर्क जनरेट करता है और वही 6-स्पीड गियरबॉक्स मिलता है।

न्यू Yamaha MT-15 Version 2.0 की कीमत

न्यू Yamaha MT-15 Version 2.0 की कीमत के बारे में बात की जाए तो यामाहा एमटी 15 की शुरुवाती कीमत 1,67,200 है और 1,72,700 तक जाती है। ये स्पोर्टी लुक बाइक तीन वेरिएंट में आती है जिसमे Yamaha MT-15 एसटीडी, Yamaha MT-15 डीलक्स, Yamaha MT-15 मोटोजीपी एडिशन आता है।

Yamaha MT-15 V2 : Yamaha MT ने नए धांसू लुक में मारी एंट्री, शक्तिशाली इंजन के साथ मिलते है कई शानदार फीचर्स

Yamaha MT ने नए धांसू लुक में मारी एंट्री, शक्तिशाली इंजन के साथ मिलते है कई शानदार फीचर्स। Yamaha ने कुछ ही समय पहले अपनी बाइक Yamaha MT-15 V2 को मार्केट में पेश किया है। इस बाइक में आपको नया दमदार इंजन देखने मिलता है। इसके साथ ही इस बाइक में आपको कई शानदार फीचर्स भी देखने मिलते है।

Yamaha MT-15 V2 का लुक

Yamaha MT-15 V2 का लुक काफी शानदार है। इस बाइक में आपको बहुत से नए बदलाव देखने मिलते है। इसमें आपको ट्विन DRLs के साथ प्रोजेक्टर-स्टाइल हेडलाइट, मस्कुलर फ्यूल टैंक, एक स्टेप-अप सीट, एरोहेड-शेप्ड मिरर और साइड-स्लंग अपस्वेप्ट एग्जॉस्ट दिया गया है। जिससे की इसका लुक काफी ज्यादा अट्रैक्टिव नजर आ रहा है।

Yamaha MT-15 V2 का शक्तिशाली इंजन

Yamaha MT-15 V2 के शक्तिशाली इंजन की बात करे तो इसमें आपको 155cc का सिंगल-सिलेंडर, लिक्विड-कूल्ड इंजन मिल रहा है जो कि 10,000rpm पर 18.1hp का पावर और 7,500rpm पर 14.2Nm का पीक टॉर्क जनरेट करने में सक्षम है। यह इंजन 6-स्पीड गियरबॉक्स के साथ आता है।इसे नए OBD-2 नियमों के अनुरूप अपडेट किया गया है। यह बाइक सड़क पर 56.87 kmpl का माइलेज देने में सक्षम होगी।

Yamaha MT-15 V2 का ब्रैकिंग सिस्टम

Yamaha MT-15 V2 में ABS सिस्टम देखने मिलता है। साथ में इसमें और भी ज्यादा सेफ्टी देखने को मिल रही है। यह फीचर इससे पहले वाले मॉडल में उपलब्ध नहीं था। इसके नए मॉडल में यह दिया गया है। नया MT-15 V 2.0 अब ट्रैक्शन कंट्रोल सिस्टम के साथ आता है.

Yamaha MT-15 V2 के शानदार फीचर्स

Yamaha MT-15 V2 के फीचर्स की बात करे तो इसमें आपको इंस्ट्रूमेंट कंसोल मिलता है। साथ में इसमें आपको ब्लूटूथ कनेक्टिविटी, कॉल अलर्ट, ईमेल और एसएमएस अलर्ट और स्मार्टफोन बैटरी स्थिति जैसे फीचर्स के साथ बदला गया था. हालाँकि, बारी-बारी से नेविगेशन की पेशकश करना एक अच्छा विकल्प हो सकता था. ऐसे ही स्मार्ट फीचर्स की इसमें भरमार मिलती है।

Yamaha MT-15 V2 की कीमत

Yamaha MT-15 V2 की कीमत की बात करे तो इस बाइक की शुरुआती कीमत लगभग 1.65 लाख है, जो स्टैंडर्ड और Y-कनेक्ट वेरिएंट में आती है।

Bollywood शाहरुख आणि काजोलची जोडी पुन्हा मोठ्या पडद्यावर दिसणार, करण जोहरची मोठी घोषणाशाहरुख आणि काजोलची जोडी पुन्हा मोठ्या पडद्यावर दिसणार, करण जोहरची मोठी घोषणा

बॉलीवूडमधूनच एक बातमी समोर आली आहे की शाहरुख आणि काजोल लवकरच मोठ्या पडद्यावर एकत्र दिसणार आहेत.

बॉलिवूडमधील सर्वात प्रसिद्ध जोडी म्हणजे शाहरुख खान आणि कोजोल. या दोघांनी एकत्र हीट सिनेमे दिले आहेत. आणि त्यांना एकत्र पाहणं ही त्यांच्या चाहत्यांसाठी नेहमीच पर्वणी ठरली आहे. आता बॉलीवूडमधूनच एक बातमी समोर आली आहे की शाहरुख आणि काजोल लवकरच मोठ्या पडद्यावर एकत्र दिसणार आहेत.

16 ऑक्टोबर 1998 रोजी रिलीज झालेल्या करण जोहरच्या ‘कुछ कुछ होता है’ या चित्रपटाचा 25 वर्षे पूर्ण होत आहे. या खास प्रसंगी, निर्मात्यांनी तो पुन्हा प्रदर्शित करण्याचा निर्णय घेतला आहे.धर्मा प्रॉडक्शनने ‘कुछ कुछ होता है’ पुन्हा रिलीज आणि स्पेशल स्क्रीनिंगची घोषणा केली. त्यामुळे 15 ऑक्टोबर 2023 रोजी शाहरुख खान, काजोल आणि राणी मुखर्जी यांना पुन्हा एकदा थिएटरमध्ये एकत्र पाहण्याची संधी मिळणार आहे.

करण जोहरने त्याच्या सोशल मीडिया अकाउंटवर हा चित्रपट पुन्हा प्रदर्शित करण्याची घोषणा केली. तेव्हा काही मिनिटांतच सर्व तिकिटे विकली गेली. याचे आणखी एक कारण म्हणजे करण जोहरने या चित्रपटाच्या तिकिटाचे दर खूपच स्वस्त ठेवले होते. 25वा वर्धापन दिन असल्याने तिकिटांची किंमत २५ रुपये ठेवण्यात आली होती. हा चित्रपट 15 ऑक्टोबर 2023 रोजी PVR आयकॉन वर्सोवा, मुंबई येथे संध्याकाळी 7:00 आणि 7:15 वाजता प्रदर्शित केला जाणार आहे.

करण जोहरने ‘कुछ कुछ होता है’मधून दिग्दर्शक म्हणून इंडस्ट्रीत पदार्पण केले. हा त्याचा पहिला चित्रपट होता आणि सुपरहिट ठरला. लोकांमध्ये या सिनेमाची क्रेझ अजूनही कायम आहे.

Tiger 3 न्यूज़’टाइगर 3′ का नया पोस्टर देख क्या बोले लोग?

फिल्मी दुनिया से छोटी-बड़ी खबरों को एक साथ-एक जगह पढ़ना चाहते हैं तो सही जगह पधारे हैं. नीचे पढ़िए आज की बड़ी खबरें.

अक्षय कुमार ने OMG 2 की ओटीटी रिलीज़ पर बात की है. उन्होंने कहा, ”फिल्म नेटफ्लिक्स पर आ चुकी है. बहुत से लोग कह रहे हैं कि इसका अनकट वर्जन क्यों नहीं रिलीज़ किया, मैंने कहा नहीं उसे नहीं रिलीज़ किया जाना चाहिए. हमें सेंसर बोर्ड की रिस्पेक्ट करनी चाहिए.”

टाइगर 3′ का पोस्टर देख लोग ने किया रिएक्ट

टाइगर 3′ से सलमान खान का पोस्टर आ गया है. जिसमें सलमान अपने स्कार्फ में दिखाई दे रहे हैं. लोग इस पोस्टर को काफी पसंद कर रहे हैं. एक यूज़र ने लिखा, ”600 नहीं बल्कि 700 करोड़ आने वाला है टाइगर के सिर्फ हिंदी वर्जन से.” एक ने लिखा, ”हाईएस्ट ग्रॉसर ऑफ द ईयर लोडिंग.” एक ने कहा, ”सलमान खान ही असली हीरो हैं, वो इस फ्रेंचाइज़ फिल्म से इतिहास बनाएंगे.” एक ने कहा, ”पोस्टर देखकर ही पता चल रहा है कि फिल्म के एक्शन का स्केल और लेवल क्या होने वाला है. ये इंडिया की सबसे बड़ी फिल्म होगी.”

#13 अक्टूबर से प्राइम पर देख सकेंगे ‘मार्क एंटोनी’

विशाल की फिल्म ‘मार्क एंटोनी’ डिजिटली रिलीज़ होने वाली है. इसे एमेज़ॉन प्राइम वीडियो पर 13 अक्टूबर से देख सकेंगे.

# बॉलीवुड में हो रहे रीमेक्स पर बोले रवि तेजा

रवि तेजा की फिल्म ‘राउड़ी राठौड़’ और ‘किक’ का हिंदी रीमेक बना है. उन्होंने रीमेक पर बोलते हुए कहा कि आजकल के समय में रीमेक्स का कोई मतलब नहीं. आज कल हर भाषा में फिल्में रिलीज़ हो रही हैं तो रीमेक बनाने का कोई सेंस नहीं.

#आफताब शिवदासानी के साथ डेढ लाख का फ्रॉड

आफताब शिवदासानी साइबर फ्रॉड के शिकार बन गए. एक्टर के पास एक बड़े निजी बैंक से केवाईसी अपडेट को लेकर एक मैसेज आया, जिसकी वजह से उन्हें 1.50 लाख रुपये की चपत लग गई.

War अब ऐसे होगा काम गाज़ा पर ज़मीनी हमले से इसराइल क्या हासिल कर पाएगा?

  • इसराइली सेना का कहना है कि उसने ग़ज़ा पट्टी पर छोटे स्तर पर छापेमारी शुरू कर दी है.
  • सेना के प्रवक्ता के अनुसार इसका उद्देश्य “आतंकवादियों और हथियारों को नष्ट करना और बंधकों को छुड़ाना है.
  • इसराइल ने ग़ज़ा में रहने वालों को चेतावनी दी है कि वो वादी ग़ज़ा के उत्तर का पूरा इलाक़ा खाली कर दक्षिण की तरफ चले जाएं. इससे 11 लाख लोग प्रभावित होंगे.
  • संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख एंटोनियो गुटेरेस ने कहा है कि इतने बड़े पैमाने पर लोगों के पलायन से “बेहद गंभीर मानवीय संकट” पैदा हो सकता है
  • बीते सप्ताह इसराइल पर हमास के हमले में 1,300 लोगों की मौत हुई थी. वहीं इसके बाद शुरू हुई इसराइल की जवाबी कार्रवाई में अब तक 2,000 फ़लस्तीनियों की जान गई है.

इसराइली नेताओं ने चेतावनी दी है कि वो धरती से हमास का अस्तित्व हमेशा के लिए ख़त्म कर देंगे और ग़ज़ा फिर कभी पहले जैसा नहीं रहेगा.

शनिवार को इसराइल के ख़िलाफ़ हुए हमास के बर्बर हमले में 1,300 नागरिकों की मौत के बाद इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू ने कहा है “हमास के हर सदस्य को हम ख़त्म करेंगे”.

इसके लिए इसराइल ने हमास के ख़िलाफ़ “स्वॉर्ड्स ऑफ़ आइरन” नाम का अभियान शुरू किया है. इससे पहले ग़ज़ा में इस तरह के सैन्य अभियान को कभी अंजाम नहीं दिया गया था.

लेकिन “स्वॉर्ड्स ऑफ़ आइरन” अभियान कितना व्यावहारिक है? घनी आबादी वाले ग़ज़ा में इसे अंजाम देना इसराइली सेना के लिए कितना चुनौतीपूर्ण हो सकता है? और क्या इसराइली कमांडर इससे अपने उद्देश्यों को हासिल कर सकेंगे?

ज़मीनी कार्रवाई का जोखिम

ग़ज़ा में इसराइल के अभियान “स्वॉर्ड्स ऑफ़ आइरन” की सफलता कई कारकों पर निर्भर करेगी.

हमास को इसका अंदाज़ा है कि इसराइल हमला कर सकता है. ऐसे में उसकी सैन्य शाखा इज़्ज़ेदीन अल-क़ासम ने इसकी तैयारी की होगी.

हमास ने जगह-जगह पर विस्फोटक लगाए होंगे और ये भी तय किया होगा कि उसे कहां-कहां लड़ना है. वो इसराइली सेना पर हमलों के लिए ग़ज़ा में ज़मीन के नीचे फैले अपने सुरंगों के नेटवर्क का भरपूर इस्तेमाल करेगा.

साल 2014 में ग़ज़ा शहर के उत्तरी हिस्से में इसराइली सेना और हमास के लड़ाकों के बीच संघर्ष हुआ था. उस दौरान एंटी टैंक माइन्स, स्नाइपर्स और हमास के लड़ाकों से लड़ाई में इसराइल की पैदल सेना को काफी नुक़सान झेलना पड़ा था. इस संघर्ष में सैकड़ों आम नागरिक मारे गए थे.

ये एक बड़ी वजह है कि इसराइल ने ज़मीनी हमला शुरू करने से पहले ग़ज़ा के उत्तरी हिस्से में रह रहे 11 लाख फ़लस्तीनी नागरिकों को 24 घटों के भीतर इलाक़ा खाली कर दक्षिण की तरफ जाने के लिए कहा है.

इसराइल ने चेतावनी दी है कि ये युद्ध महीनों तक जारी रह सकता है. उसने इसके लिए 3 लाख 60 हज़ार रिज़र्व सैनिकों को ड्यूटी पर बुलाया है.

लेकिन सवाल ये है कि पीछे हटने को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच इसराइल कब तक अपनी ये मुहिम जारी रख सकेगा.

रिफ्यूजी मामलों से जुड़ी संयुक्त राष्ट्र की संस्था ने कहा है ग़ज़ा “नरक का कुंआ” बनता जा रहा है. यहां मौतों का आंकड़ा तेज़ी से बढ़ रहा है. यहां पानी, बिजली और पेट्रोल-डीज़ल की सप्लाई काट दी गई है. अब इसराइल ने ग़ज़ा की लगभग आधी आबादी को इलाक़ा ख़ाली करने को कहा है.

सुरक्षा और ख़ुफ़िया मामले कवर करने वाले इसराइल के जाने-माने पत्रकार योस्सी मेलमैन कहते हैं, “इसराइली सेना और सरकार ये मान कर चल रही है कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय समुदाय का कम से कम पश्चिमी मुल्कों का समर्थन मिला हुआ है. अभी उनका सिद्धांत ये है कि ‘चलिए साथ आते हैं क्योंकि हमारे हाथों में बहुत समय है.”

हालांकि वो मानते हैं कि अगर भूख से मरते लोगों की तस्वीरें सामने आईं तो इसराइल के सहयोगियों को भी स्थिति देखते हुए हस्तक्षेप करना होगा.

बंधकों को बचाने का मुश्किल काम

शनिवार को इसराइल पर हुए हमले में हमास के लड़ाके जिन 150 लोगों को अपने साथ बंधक बना कर ले गए हैं, उनमें केवल इसराइली नागरिक नहीं हैं. इनमें बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक हैं, कई ऐसे भी हैं जिन्हें दोहरी नागरिकता हासिल है.

ऐसे में अमेरिका, फ्रांस और यूके जैसे कई मुल्कों की सरकारों के लिए भी उनकी प्रतिष्ठा दांव पर लगी है. उनकी कोशिश है कि बंधकों को सुरक्षित निकाला जाए.

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने देश में रहने वाले फ्रांसीसी-इसराइली परिवारों को भरोसा दिया है और कहा है कि “फ्रांस कभी भी अपने नागरिकों का साथ देने से पीछे नहीं हटता.”

अब तक ये स्पष्ट नहीं हुआ है कि हमास के पास बंधकों के होने का इसराइल के इस पूरे अभियान पर कितना असर पड़ेगा. इसके साथ ही इसराइल के भीतर भी सरकार पर इसे लेकर दबाव बहुत अधिक है.

आमिर बार शलोम मौजूदा स्थिति की तुलना 1972 के म्यूनिख़ ओलंपिक खेलों के दौरान पैदा हुई स्थिति से करते हैं. 1972 में फ़लस्तीनी बंदूकधारियों ने इसराइल के खिलाड़ियों को अपने कब्ज़े में ले लिया था और 11 लोगों की हत्या की थी.

उस समय हमले में शामिल सभी लोगों को तलाश करके उन्हें मारने के लिए सरकार ने एक अभियान शुरू किया था. वो मानते हैं कि इस बार भी सरकार ऐसा ही कुछ करना चाहेगी, वो इसराइली नागरिकों को अगवा करने के लिए ज़िम्मेदार हमास के लड़ाकों का पता लगाना चाहेगी.

इसराइल की एलीट कमांडो यूनिट सायेरेत मतकाल के सैनिकों के लिए भी ग़ज़ा में अलग-अलग जगहों पर बंधक बनाकर रखे गए लोगों को छुड़ाना बेहद मुश्किल साबित हो सकता है. हमास पहले ही धमकी दे चुका है कि अगर इसराइल ने उस पर हमला कया तो वो बंधकों की हत्या करना शुरू कर देगा.

साल 2011 में इसराइल ने गिलाद शालित नाम के एक सैनिक को हमास के कब्ज़े से छुड़ाने के लिए एक हज़ार फ़लस्तीनी कैदियों को रिहा किया था. हमास के लड़ाकों ने गिलाद को पांच साल तक बंधक बनाए रखा था.

लेकिन एक बार फिर इस तरह का कदम उठाने से पहले इसराइल को सोच-विचार करना पड़ेगा. 2011 में जिन फ़लस्तीनियों को इसराइल ने रिहा कया था उनमें याह्या सिनवार भी एक थे. सिनवार अब हमास के राजनातिक प्रमुख बन चुके हैं.

इस युद्ध पर इलाक़े के दूसरे मुल्कों की भी नज़र

इसराइल के ज़मीनी अभियान की सफलता इस पर भी निर्भर करेगी कि उसके पड़ोसी इसे लेकर क्या प्रतिक्रिया देते हैं.

उसे मिस्र की तरफ से ख़ास परेशानी हो सकती है. मिस्र की उत्तरी सीमा ग़ज़ा के दक्षिणी हिस्से से सटी है. रफ़ाह ब्रॉर्डर क्रॉसिंग के ज़रिए ग़ज़ा के भीतर लोगों को मदद पहुंचाने के लिए मिस्र उस पर दबाव बना सकता है.

इसराइल के इंस्टीट्यूट फ़ॉर नेशनल सिक्योरिटी स्टडीज़ के ओफ़िर विन्टर कहते हैं, “जैसे-जैसे इसराइल का सैन्य अभियान आगे बढ़ेगा और ग़ज़ा में हताहतों की संख्या बढ़ेगी मिस्र पर दबाव बढ़ता जाएगा. उसके सामने ये सवाल पैदा हो जाएगा कि क्या वो युद्ध से जान बचाना चाह रहे फ़लस्तीनियों से मुंह मोड़ ले?”

लेकिन मामला केवल मिस्र तक सीमित रहेगा ऐसा नहीं है. ओफ़िर विन्टर कहते हैं कि बड़ी संख्या में ग़ज़ा से पलायन करने वालों के लिए मिस्र को अपनी सीमा खोलनी होगी. हो सकता है कि उनकी तरफ से इसराइल के ख़िलाफ़ सैन्य कार्रवाई के लिए भी उस पर दबाव बढ़े.

इसराइल की उत्तरी सीमा पर भी सभी की नज़रें रहेंगी जो लेबनान से सटी हुई है.

लेबनान में मौजूद इस्लामिक चरमपंथी गुट हिज़्बुल्लाह और इसराइली सेना के बीच कई बार गोलीबारी की घटनाएं हुई हैं, हालांकि अब तक ये इलाक़ा इसराइल के लिए एक नए युद्ध का मैदान नहीं बना है.

हिज़्बुल्लाह का मुख्य समर्थक ईरान पहले ही इसराइल के ख़िलाफ़ “नया मोर्चा” शुरू करने की धमकी दे चुका है. हाल में जब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि कोई भी मौजूदा तनाव का फायदा लेने से बचे, तो उनका इशारा ईरान और हिज़्बुल्लाह की ही तरफ था.

जो बाइडन ने कहा था, “कोई भी देश, कोई भी संगठन और कोई भी व्यक्ति अगर इस स्थिति का फायदा उठाने की सोच रहा है, तो उनके लिए मेरे पास एक ही शब्द है- ऐसा न करें.”

अपने इस संदेश की गंभीरता दिखाने के लिए अमेरिका ने अपने विमानवाहक युद्धपोत को पूर्वी भूमध्यसागर में भेज दिया है.

ग़ज़ा के लिए इसराइल की आख़िरी चाल क्या होगी?

अगर इसराइल अपने इस सैन्य अभियान से हमास को पूरी तरह कमज़ोर कर भी देता है, तो सवाल उठता है कि ग़ज़ा में उसकी जगह कौन लेगा.

2005 में इसराइल ने अपनी सेना और हज़ारों की तादाद में ग़ज़ा पट्टी में बसाए गए इसराइलियों को यहां से बाहर निकाल लिया था. वो एक बार फिर इस इलाक़े में आकर बसना और खुद को कब्ज़ा करने वाले के रूप में दिखाना नहीं चाहेगा.

ओफ़िर विन्टर मानते हैं कि हो सकता है कि ग़ज़ा पट्टी में एक बार फिर फ़लस्तीनी ऑथोरिटी (पीए) की वापसी हो जाए, जिसे साल 2007 में हसाम ने सत्ता से बाहर कर दिया था.

फ़लस्तीनी ऑथोरिटी विद्रोही संगठन नहीं है और फिलहाल वेस्ट बैंक के इलाक़े में इसका शासन है. वो कहते हैं कि मिस्र भी इस तरह के एक ज़िम्मेदार पड़ोसी का स्वागत करेगा.

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